Blog By Amit Tripathi

10 मार्च 2019

इस देश में होती है कुत्ते की पूजा

इस त्यौहार का नाम है तिहार जैसे हमारे यहां जितनी धूमधाम से दीवाली मनाई जाती है वैसे ही नेपाल में यह त्योहार मनाया जाता है जहां कुत्तों की पूजा की जाती है. इसे वहां पर दिवाली के नाम से भी जाना जाता है. वहां के लोग ऐसा मानते हैं कि एक आदमी और कुत्ते के बीच जो प्यार और जो सम्बन्ध होता है वह दुनिया में बहुत कम देखने को मिलता है.


ऐसी दोस्ती वह भी बिना किसी शर्त के देखना थोड़ा मुश्किल है. क्या आपको पता है कि मनुष्य और कुत्ते के बीच के संबंध के बारे में महाभारत के समय से जाना जाता है? एक बार युधिष्ठिर ने स्वर्ग जाने से मना कर दिया था क्योंकि उनका कुत्ता अकेले धरती पर रह जाता.

यह नेपाली त्यौहार पांच दिनों तक चलता है जिसमें पहले दिन कौवे की पूजा होती है क्योंकि ऐसा माना जाता है की वो यमराज के संदेशवाहक है. त्यौहार के दूसरे दिन कुत्तों की पूजा होती है जिसके कारण मैं आपको पहले ही बता चुका हूं, तीसरे दिन गाय की पूजा होती है ऐसा माना जाता है कि प्राचीन समय से ही लोग को गाय से बहुत लाभ हुआ था जैसे की दूध, गोबर और गोमूत्र सब के अलग-अलग फायदे हैं. इसी दिन शाम को लक्ष्मी जी की पूजा होती है और इसी दिन से अगले 2 दिनों तक पटाखे जलाये जाते हैं, चौथे दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा होती है, गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है और शाम को मेवाड़ जाती के लोग खुद की पूजा करते हैं जिसे महापूजा कहा जाता है और पांचवें और आखिरी दिन मनाया जाता है भाई टीका जैसे हमारे यहां रक्षाबंधन होता है वैसे ही यहां जो त्यौहार मनाया जाता है उसे कहते हैं भाई टीका और यह भाई-बहनों का त्यौहार है, पोस्ट को शेयर जरूर करें धन्यवाद.


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