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30 मई 2016

अपने डर से कैसे जीते | Overcome Fear in hindi

अपने डर से कैसे जीते | Overcome Fear in hindi

How to overcome fear in hindi

दोस्तों आज इस पोस्ट में मै आपको बताने जा रहा हू अपने डर से कैसे जीतें यानि How to Overcome Fear, डर यानि Fear हमें अंदर से खोखला बना देता है डर को हम खुद ही बनाते है और फिर वो हमे अंदर से खोखला करता जाता है। क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है की आखिर ये डर हमारे अंदर आता कहा से है अगर नहीं तो आइये आज गहराई में चलकर जानने की कोशिश करते है की क्या डर जैसी कोई चीज सच में है या फिर ये सिर्फ एक छलावा है।


हमे डर लगता क्यों है ?

डर में जीत कैसे पाए ये जानने से पहले ये जानना जरूरी है की हमे डर लगता क्यों है और ये हमारे अंदर पनपता कैसे है। आपको जानकर आश्चार्य होगा लेकिन जाने या अनजाने में हम खुद ही अपने डर को जन्म देते है। इसकी शुरुआत होती है तुलना यानि Comparison से , हमारे अंदर तब तक कोई डर नहीं होता जब तक हम केवल अपने तक सिमित रहते है अपनी तुलना किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं करते और अपने आप में संतुष्ठ रहते है। लेकिन जब हम अपनी तुलना किसी अन्य बाहरी व्यक्ति से करने लगते है तो हमारे अंदर डर पनपने लगता है। उस व्यक्ति की स्थति तक न पहुंच पाने का डर , अपनी वर्तमान स्थति से और निचे जाने का डर। लोगो का डर, की अगर आप सफल न हो पाए तो लोग क्या कहेंगे। ये सारे डर आपके खुद के बनाए है जिनकी कोई वास्तविकता नहीं है। कोई बाहर से आकर आपको डराने की कोशिश नहीं कर रहा आप खुद अपने आप को अंदर से डरा रहे है। जबकि अगर आप अपने आप की किसी अन्य से तुलना न करे तो आपके अंदर कोई डर नहीं होगा। अगर आप अपना फोकस डर से हटा कर जो आप कर रहे है उस पर लगा दे तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। यानि अपनी तुलना किसी से न करे आप अपने आप में सर्वश्रेष्ठ है , अपनी  तुलना किसी अन्य से करना आपका सबसे बड़ा अपमान है। 


मै आपको एक Example देके समझाने की कोशिश करता हु जैसा की आप जानते है की मै एक ब्लॉगर हू , और आज ब्लॉगिंग में बहुत Competition है मुझसे ऊपर और मुझसे नीचे बहुत सारे ब्लॉगर है , लेकिन अगर मै इसी डर में रहा की क्या मै अपने से ऊपर वाले ब्लॉगर को कभी पीछे कर पाउँगा या अगर मुझसे नीचे वाले ब्लॉगर मुझसे आगे आ जाए तो क्या होगा। तो क्या मै कभी अपने ब्लॉग पर फोकस कर पाउँगा। बिलकुल नहीं और मैं ब्लॉगिंग में बुरी तरह से असफल हो जाऊंगा। ऐसी ही स्थति में आप अपने आप को रखकर देखिये क्या अपने काम पर फोकस के बजाय अगर आप केवल अपने प्रतियोगी से कैसे आगे निकला जाये इस बात पर ध्यान दे तो क्या आप कभी अपने काम में सफल हो पाएंगे ?

अपने डर से जीता कैसे जाये ?

जैसा की आपने ऊपर जाना की डर में रहकर आप किसी काम में सफल नहीं हो सकते तो अब ये जानते है की इस डर से जीता कैसे जाये , अपने डर पर काबू कैसे पाया जाये। क्योकि हम खुद ही अपने डर को बनाते है जिनकी कोई वास्तविकता नहीं होती तो इसी डर पर हम आसानी से जीत भी हासिल कर सकते है। इसके लिए करना ये है की सबसे पहले तो हमे अपने आप को किसी से Compare करना बंद करना है। आप अपने आप में Unique है अपने Talent को पहचानिए उस पर काम करना शुरू कीजिये और इस बारे में बिलकुल मत सोचिये की अगर आप असफल हो गए तो क्या होगा क्योकि अगर आप इस डर से कोई भी काम शुरू करेंगे तो आप कभी भी सफल नहीं हो सकते। असफल होने का डर आपको आगे नहीं बढ़ने देगा। 
मै आपको एक Example देके समझाने की कोशिश करता हु , मान लीजिए आप किसी एग्जाम की तैयारी कर रहे है तो आपको ये सोचने की जरूरत नहीं है की आप इस एग्जाम में सफल होंगे या असफल आपको जरूरत है अपना 100 % देने की उस एग्जाम में अच्छे से अच्छा करने के लिए। 


एक लाइन में कहु तो मेरे कहने का मतलब है आपको जरूरत है वर्तमान में रहने की , भविस्य की परवाह किये बिना। फिर देखिये आपकी ज़िन्दगी में कैसे डर नाम की कोई चीज ही नहीं रह जाएगी।
अगर मै अपनी बात करू तो मुझे इस बात की परवाह नहीं रहती की कैसे मै अपने से अच्छे ब्लॉगर से आगे निकलू , हाँ उनसे सिखने को मै हमेशा तैयार रहता हू। 


आशा करता हु ऊपर बताये गए तरीके को अपनाकर आप अपने जीवन से डर नाम के छलावे को निकल सकेंगे। आप अपने विचारों को comments के माध्यम से हमे बता सकते है। 
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