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13 नव॰ 2019

[BEST] Thought Of The Day In Hindi - आज का विचार हिन्दी में

Thought Of The Day In Hindi

यदि आप कभी-कभी अपने आप को थोड़ा सा थका हुआ Low Motivation महशूस करते हैं तो दुनिया के कुछ महान लोगों के महान विचारों को पढ़ने के लिए कुछ क्षण जरूर निकालें, तो चलिये शुरू करते हैं Thought Of The Day In Hindi.
Thought Of The Day In Hindi
ये थॉट ऑफ द डे हिन्दी कोट्स आपको जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी खुस रहना सिखाते हैं. ये Thought Of The Day In Hindi आपको समस्याओं का समाधान खोजने में मदद करेंगे.


Thoughts of the Day Hindi Quotes

"उन लोगों की सलाह पर अपने निर्णय न लें, जिन्होने उन परिणामों को कभी नहीं सहा है"
Thoughts of the Day Hindi
"आज का दिन एक शानदार दिन है!"
“रुको मत। समय कभी भी बिल्कुल पर्फेक्ट नहीं होगा। ”- नेपोलियन हिल
Thought Of The Day In Hindi
"अपने विचारों को बदलें और आपकी दुनिया बदलना शुरू हो जाएगा।"
"खूबसूरत चीजें तब होती हैं जब आप खुद को नकारात्मकता से दूर करते हैं।"
Thought Of The Day In Hindi

  • "आपके जीवन के दो सबसे महत्वपूर्ण दिन - पहला वो जब आप पैदा हुए हैं, और दूसरा वो जिस दिन आपको पता चलेगा आप क्यों पैदा हुए।"
  • "आपका समय सीमित है, इसलिए इसे किसी और के लिए जीने में व्यर्थ न करें।" - स्टीव जॉब्स
  • “एक लक्ष्य जो नियोजित नहीं है वह एक इच्छा है; एक सपना जिसका पीछा नहीं किया जाता वह एक कल्पना है। ”
  • "असफलता से डरो मत। यह सफल होने का तरीका है। ”- लेब्रोन जेम्स
  • “बीता हुआ कल चला गया। आने वाला कल अभी तक नहीं आया। हमारे पास आज ही है। चलो शुरू करें।"
  • “अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए हर दिन कुछ करो। चलते रहो और चलते रहो।"

  • "जारी रखने का साहस असफलता से सफलता को अलग करता है।" - विंस्टन चर्चिल
  • "अगर आपको लगता है कि आप अग्रणी हैं और कोई भी आपका पीछा नहीं कर रहा है, तो आप केवल टहल रहे हैं।" - अफगान प्रोवर
  • "जितना अच्छा आप अपने बारे में महसूस करते हैं, उतना ही कम आपको दिखाने की ज़रूरत महसूस होती है।"
  • “आधे रास्ते में जाने से आपको कभी कुछ नहीं मिलता है। पूरा रास्ता पार करें या बिल्कुल न जाएं।
  • "हतोत्साहित ना हो। अक्सर गुच्छे की आखिरी कुंजी होती है जो लॉक खोलती है। "

Thought Of The Day In Hindi by Famous Authors


  • "मुझमें कोई विशिष्ट प्रतिभा नहीं है। मैं केवल उत्सुक व्यक्ति हूं। ”- अल्बर्ट आइंस्टीन
  • "नेतृत्व तैराकी की तरह है, इसके बारे में पढ़कर नहीं सीखा जा सकता है।" - हेनरी मिंटबर्ग
  • "अगर आप महानता हासिल करना चाहते हैं तो अनुमति मांगना बंद कर दीजिए।" - ब्रायन ट्रेसी
Thought Of The Day In Hindi

  • "गर्म सिर और ठंडे दिलों वाले लोगो को कभी कुछ हासिल नहीं हुआ।" - बिली ग्राहम
  • “कभी भी अपने अतीत पर शर्मिंदा मत होना। यह वह सब कुछ है जिसके कारण आप आज अद्भुत व्यक्ति हैं। ”- येहुदा बर्ग
  • "सफलता का आनंद उठाने के लिए मनुष्य को जीवन में कठिनाइयों की आवश्यकता होती है।" - एपीजे अब्दुल कलाम थॉट
  • “यदि आप डर पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं, तो घर पर बैठे कर इसके बारे में सोचना बंद करें, बाहर जाओ और व्यस्त हो जाओ। ”- डेल कार्नेगी

  • “यदि आप किसी चीज़ को पसंद नहीं करते हैं, तो उसे बदल दें। यदि आप इसे बदल नहीं सकते हैं, तो अपना रवैया बदलें। ”- माया एंजेलो
  • "यदि आप अपने आप से प्यार नहीं करते हैं, तो आप हमेशा उन लोगों का पीछा करते रहेंगे जो आपसे प्यार नहीं करते हैं।"- जौबर्ट बोथा
  • "हतोत्साहित होना ठीक है लेकिन छोड़ना ठीक नहीं है। ”- रेयान हॉलिडे
  • "आपको यह पता लगाने के लिए बहुत दूर जाना होगा कि आप वास्तव में कितनी दूर जा सकते हैं।" - जिम रोहन
  • "हर कोई खुशी चाहता है, कोई भी दर्द नहीं चाहता है, लेकिन आप थोड़ी बारिश के बिना इंद्रधनुष नहीं देख सकते।" - सिय्योन ली
  • "हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि, कभी न गिरने में नहीं बल्कि हर बार गिरने के बाद उठने में है।" - प्राचीन नीतिवचन
  • “यदि आप इसका सपना देख सकते हैं तो आप इसका निर्माण कर सकते हैं। अगर आप इसका निर्माण कर सकते हैं, तो आप इसे जी भी सकते हैं। ”- पाम मूर
  • "धैर्य और भाग्य सभी चीजों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।" - एमर्सन
Thought Of The Day In Hindi

  • “अगर हम अपनी प्रतियोगि के बजाय अपने सपनों पे पीछे भागे तो हम अधिक हासिल करेंगे। "- साइमन सिनक
  • “आपका जीवन छोटा है। यह सवारी कब समाप्त होगी, इसका आपको कोई सुराग नहीं है इसलिए निडर होकर जियें। ”- ब्रेंडन डिले
  • "आप कभी नहीं जान सकते कि आपके कार्यों का क्या परिणाम होगा, लेकिन यदि आप कुछ नहीं करते हैं, तो कोई परिणाम नहीं आएगा।" - गांधी
  • "एक प्यारा दिल सबसे बुद्धिमान है।" - चार्ल्स डिकेंस

थॉट ऑफ द डे हिन्दी कोट्स

"जीवन हमेशा चेहरे पर मुस्कान, दिल में आशा और अपने आप में विश्वास के साथ जीने से बेहतर रहता है।"
Thought Of The Day In Hindi

  • “चुनौतियाँ वही हैं जो जीवन को दिलचस्प बनाती हैं और उन्हें मात देना ही जीवन को सार्थक बनाता है। ”
  • “दिन की शुरुआत और अंत में हर छोटी चीज़ के लिए आभारी रहें, तब आपको एहसास होगा कि आप वास्तव में कितने धन्य हैं। ”
  • "जीवन का आनंद लें, छोटी चीजों के लिए भी आभारी रहें, अपने आस-पास के लोगों के प्रति दयालु रहें और अपने दिल की सुने।"
  • "यदि आप कुछ नया चाहते हैं, तो आपको कुछ पुराना करना रोकना होगा।"


  • "अच्छा छोड़ने और महान के लिए जाने से डरो मत।"


अंतिम शब्द: -
ये Thought Of The Day In Hindi हैं, इन शब्दों पर विचार करने के लिए समय निकालें, इन्हें अपनी आदतों में शामिल करेंय दि आप इन शब्दों को समझते हैं और फिर प्रतिक्रिया करते हैं तो आप इससे चमत्कार कर सकते हैं. इन विचारों को अपने मित्र और परिवार के सहयोगियों के साथ साझा करना ना भूलें और नीचे कमेंट करके अपनी राय जरूर दें.
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7 नव॰ 2019

Himanshi Khurana (हिमांशी खुराना) Lifestyle, Husband, Age, Family & Biography in Hindi

Himanshi Khurana (हिमांशी खुराना) Biography in Hindi

दोस्तों आज की हमारी पोस्ट है बिग बॉस सीजन 13 की वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट और पंजाबी एक्ट्रेस हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) के लाइफ स्टाइल और Biography के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं.

1. सबसे पहले बात करते हैं इनके फुल नेम की तो वो है हिमांशी खुराना और हिमांशी प्रोफेशन से एक्ट्रेस, मॉडल और सिंगर हैं.


Himanshi Khurana (हिमांशी खुराना) Biography in Hindi
2. अगर बात करें इनके फिजिकल ओवरव्यू की तो इनकी हाइट है लगभग 5 फुट 4 इंच और इनका वेट है लगभग 50 किलो.
3. हिमांशी की फिगर मेजरमेंट्स हैं 34-27-35
Himanshi Khurana (हिमांशी खुराना) Biography in Hindi
4. इसके बाद दोस्तों बात करते हैं इनकी डेट ऑफ बर्थ (DOB) के बारे में तो हिमांशी का जन्म 27 नवंबर सन 1991 को पंजाब के किरतपुर साहिब में हुआ था और फिलहाल उनकी उम्र 27 साल है.(2019 में).
5. हिमांशी की आँखों का रंग ग्रेयीस ग्रीन और इनके बालों का रंग ब्राउन है.
Himanshi Khurana (हिमांशी खुराना) Biography in Hindi
6. अगर बात करें हिमांशी के रिलीजन की धर्म से वो हिंदू हैं और इनकी राष्ट्रीयता इंडियन है.


7. अब चलते हैं हिमांशी के कैरियर की तरफ तो दोस्तों हिमांशी ने अपने कैरियर की शुरुआत 2010 में एक म्यूजिक वीडियो के साथ की थी जिसका टाइटल था जोड़ी, हिमांशी की पहली मूवी थी "जीत लेंगे जहान" जो कि 2012 में रिलीज हुई थी और अगर बात करें हिमांशी के सिंगिंग कैरियर की तो हिमांशु ने अपना पहला गाना 2018 में गाया था जिसका टाइटल था हाई स्टैंडर्ड और फिलहाल हिमांशु ने बिग बॉस के सीजन 13 में एक कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री की है.
Himanshi Khurana (हिमांशी खुराना) Biography in Hindi
8. दोस्तों अब बात करते हैं हिमांशी की family के बारे में तो इनकी मां का नाम है सुमित खुराना और उनके father का नाम है कुलदीप खुराना, इसके अलावा उनके दो भाई हैं जिनके नाम है हितेश खुराना और अपरमदीप खुराना.

9. अब चलते हैं हिमांशी के Favorite और Hobbies की तरफ तो दोस्तों हिमांशी के फेवरेट हॉलीवुड एक्टर टॉम हैंक्स एंड रॉबर्ट डाउनी जूनियर, इसके अलावा इनकी फेवरेट बॉलीवुड एक्ट्रेसेस में शामिल हैं करीना कपूर और परिणीति चोपड़ा, हिमांशी के फेवरेट सिंगर बब्बू मान, गैरी संधू और दिलजीत दोसांझ. और अगर बात करें हिमांशी के Favorite Food की तो इसमे शामिल है पराठा एंड दाल मखनी और इनके Favorite Colors ब्लैक, गोल्डन एंड रेड हैं. हिमांशु की Hobbies में शामिल हैं मूवी देखना और Books पढ़ना.

10. बात करें इनके Marital Status की तो फिलहाल हिमांशी Unmarriad हैं और अगर हिमांशी के Affairs और Boyfriends की बात करें तो इनका नाम पंजाबी सिंगर और एक्टर एमी विर्क के साथ जुड़ चुका है और ऐसी खबरें भी आई थी कि इन दोनों ने सगाई भी कर ली है.
11. अगर बात करें हिमांशी के House की तो हिमांशी अपनी Family के साथ लुधियाना में रहती हैं.
Himanshi Khurana (हिमांशी खुराना) Biography in Hindi
12. पोस्ट के अंत में बात करते हैं हिमांशी के Cars Collection के बारे में तो दोस्तों हिमांशी के पास है बीएमडब्ल्यू की 6 सिरीज़ कार कीमत जिसकी कीमत है लगभग 65 लाख रुपए.
अगर आपको यह जानकारी पसंद आई तो इसे शेयर जरूर करें, धन्यवाद.


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2 नव॰ 2019

Haryana Day विशेष: हरियाणा का जन्म और इतिहास

Haryana Day विशेष: हरियाणा का जन्म और इतिहास

1 नवंबर 1966 का दिन, इस दिन हुआ था एक ऐतिहासिक फैसला जिस ने बदल दी पूरे उत्तर भारत की राजनीतिक, कुछ झगड़े थे जिनको सुलझा दिया गया और कुछ नए झगड़ों के बीज बो दिए गए थे. जी हां दोस्तों मैं बात कर रहा हूं हरियाणा के जन्म के बारे में 1 नवंबर 1966 को संसद में एक फैसला लिया गया जिसके अनुसार पंजाब प्रांत को अलग कर हरियाणा और हिमाचल राज्य बना दिए जाएंगे.
Haryana Day
बंटवारा क्यों हुआ? क्या झगड़ा था? इन सब बातों को जानने के लिए पोस्ट को पूरा पढ़ें.

दोस्तो आज जहां हरियाणा है उसे अंग्रेजों ने यहां के लोकल राजाओं से जीतकर 1858 में पंजाब सूबे में मिला दिया था क्योंकि यहां के लोगों ने 1857 की क्रांति में बहुत बढ़ चढ़कर भाग लिया था और अंग्रेजों के लिए काफी मुश्किलें खड़ी की थी.



तब से यहां पंजाबी बोलने वालों और हिंदी मतलब हरियाणवी बोलने वालों के बीच में काफी झगड़े और खींचातानी रहती थी. 1947 में देश आजाद हो गया और हिंदी और पंजाबी बोलने वाले अलग-अलग राज्य की मांग उठाने लगे.

दोस्तों 1948 में पहली बार मास्टर तारा सिंह ने अलग पंजाब सूबे की मांग की थी. खींचातानी थोड़ी और ज्यादा बढ़ने लगी तो उस समय के पंजाब के चीफ मिनिस्टर भीम सेन सच्चर ने पंजाबी और हिंदी दोनों भाषाओं के लोगों को अलग-अलग करने का सुझाव दिया. उनके अनुसार हिंदी भाग में रोहतक, गुड़गांव करनाल और नारायण गढ़ तहसील आते थे. यह डिसाइड किया गया कि पंजाब साइड वालों की ऑफिशल लैंग्वेज रहेगी पंजाबी और हिंदी साइड वालों की ऑफिशल लैंग्वेज हिंदी होगी.

लेकिन यह फार्मूला ज्यादा दिन तक चला नहीं. हिंदी साइड वालों ने इसे यह कहकर मना कर दिया की सभी हिंदी भाषी लोग इसमें शामिल नहीं हो पा रहे थे. फिर इसके बाद 25 दिसंबर 1953 में भारत सरकार ने एक कमीशन का गठन किया ताकि वह लोग लैंग्वेज और कल्चर के हिसाब से सही पहचान कर सकें.

दोनों तरफ के लोग कमीशन के पास पहुंचे लेकिन इस बार कमीशन ने मना कर दिया कि बटवारा भाषा के आधार पर बिल्कुल नहीं होगा यह देश के हित में नहीं है. उसके बाद झगड़े चलते रहे.

1956 में पंजाब सरकार ने सेंटर को कहा कि अब और ज्यादा हम सहन नहीं कर पाएंगे हमें हिंदी और पंजाबी दो अलग-अलग एरिया में बांट दिया जाए. यह बात सेंटर ने मान ली, 1960 तक पहुंचते-पहुंचते अलग प्रांत की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ गई. लोग सत्याग्रह पर उतर आए, 50,000 से ज्यादा को जेल हो गई, कई जगह भूख हड़ताल हुई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला.

समय निकलता रहा और फिर 1965 में संत फतेह सिंह ने पंजाब सूबे के लिए सरकार को 25 दिन का अल्टीमेटम दिया और आमरण अनशन शुरू कर दिया. उसके आमरण अनशन से पंजाब साइड के हिंदी बोलने वाले सब नाराज हो गए क्योंकि उनको लगता था की अगर नया राज्य बनता है तो वह लोग माइनॉरिटी में आ जाएंगे.


उस समय की लोकल प्रेस भी बंटवारे के खिलाफ थी क्योंकि लोगों को लगता था कि अगर बंटवारा हुआ तो कहीं फिर मार काट ना हो जाए.
Haryana Day hukum singh
आखिर में लोगों के आंदोलन के आगे सरकार को झुकना पड़ा. सरकार ने हुकुम सिंह के नेतृत्व में 23 सितंबर 1965 को एक और कमेटी बनाई. 17 अक्टूबर 1965 को रोहतक में एक मीटिंग हुई जिसमें 3 प्रस्ताव पास किए गए-
  • 1 नया हिन्दी राजी बनाया जाए जिसमें पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और यूपी के सभी हिंदी बोलने वाले इलाकों को शामिल किया जाए.
  • अगर यूपी और राजस्थान मना करते हैं तो पंजाब के सारे हिस्से एक नए राज्य में शामिल किए जाने चाहिए जहां हिंदी बोली जाती है.
  • एक हरियाणा प्रांत बने और हर जगह का हिंदी स्पीकिंग एरिया उसमे मिलाया जाए.

हुकुम सिंह कमेटी ने सारी बातें मान ली और एक बाउंड्री कमीशन का सुझाव दिया. 23 अप्रैल 1966 में हुकुम सिंह कमेटी के सुझाव के आधार पर जस्टिस जेसी शाह की अध्यक्षता में बाउंड्री कमीशन बनाया गया ताकि दोनों राज्यों के बीच बाउंड्री डिसाइड की जा सके.

इस रिपोर्ट के आधार पर 28 सितंबर को हिसार, रोहतक, गुड़गांव, करनाल, महेंद्रगढ़, जींद, नरवाना, अंबाला, जगाधरी, नारायणगढ़ और मनीमाजरा के कुछ हिस्सों को हरियाणा में शामिल किया गया लेकिन हाईकोर्ट दोनों का एक ही रखा गया और आखिरकार 1 नवंबर 1966 के दिन गवर्नमेंट ने द पंजाब रिकॉग्नाइजेशन पास किया जिसके हिसाब से पंजाब से हरियाणा और हिमाचल नाम के दो राज्य अलग कर दिये गए.



तो दोस्तों Haryana Day पर खास, हरियाणा के बनने की यह कहानी आपको कैसी लगी? कमेंट में जरूर बताइए, धन्यवाद.
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23 सित॰ 2019

सरोजिनी नायडू का जीवन परिचय | Sarojini Naidu in Hindi

About Sarojini Naidu in Hindi

13 वर्ष की अवस्था में सरोजिनी नायडू (Sarojini Naidu) ने 1300 पंक्तियों की एक लंबी कविता और 2000 पंक्तियों का नाटक लिख दिया था. सरोजनी का कंठ अत्यंत मधुर था, जब वो कविता पाठ करने लगती तो उनका संगीतमय मधुर स्वर सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते, यही कारण है कि सरोजिनी को भारत कोकिला की उपाधि प्रदान की गई.

सरोजिनी नायडू का जीवन परिचय

सरोजिनी का जन्म 13 फरवरी सन 1879 ईसवी में हैदराबाद में हुआ था. पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय तथा माता वरदा सुंदरी की काव्य लेखन में विशेष रुचि थी. सरोजिनी ने काव्य लेखन की प्रतिभा अपने माता-पिता से विरासत में पाई थी. काव्य रचना के साथ-साथ सरोजिनी का अध्ययन कार्य भी चलता रहा.



सन 1890 ईसवी में सरोजिनी नायडू ने मद्रास विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की, उसने सब छात्रों में प्रथम स्थान प्राप्त किया था. एक बालिका के लिए ऐसी सफलता प्राप्त करना उन दिनों असाधारण बात थी. अध्ययन के साथ-साथ सरोजिनी नायडू में गंभीरता आती गई, उनकी कविता के विषय भी बदल गए अब वो अपना समय स्वतंत्र अध्ययन करने और उच्च कोटि की कविताएं लिखने में लगाना चाहती थी.

उच्च शिक्षा के लिए उन्हें इंग्लैंड भेजा गया, वहां उनका परिचय प्रसिद्ध साहित्यकार एडमंड गोस से हुआ. सरोजिनी नायडू (Sarojini Naidu) की कविता लेखन की क्षमता और रुचि देखकर उन्होंने भारतीय समाज को ध्यान में रखकर लिखने का सुझाव दिया। यहाँ पर सरोजनी के तीन कविता संग्रह प्रकाशित हुए-
  1. द गोल्डन थ्रेशहोल्ड (1905)
  2. द बर्ड ऑफ़ टाइम (1912)
  3. द ब्रोकन विंग (1912)
"लिए बांसुरी हाथों में हम घूमें गाते-गाते,
मनुष्य सब है बंधु हमारे, जग सारा अपना है."
Sarojini Naidu in Hindi
यह पंक्तियां थ्रेशहोल्ड की है. इस पुस्तक से इंग्लैंड का साहित्य जगत आश्चर्यचकित रह गया. साहित्यकारों और समाचारपत्रों ने एक स्वर से उनकी प्रशंसा की, भारत में भी इस सफलता पर सरोजनी का अभिनंदन किया।

भारत लौटने पर सरोजिनी नायडू का विवाह डॉ गोविंदराजुलू के साथ हुआ. वह हैदराबाद के रहने वाले तथा सेना में डॉक्टर थे. इस अंतरजातीय विवाह के लिए ब्रह्म समाज विचार के माता-पिता ने सहर्ष अनुमति प्रदान की, उनका वैवाहिक जीवन सुखी था.

गोपाल कृष्ण गोखले तथा महात्मा गांधी के साथ आने पर सरोजिनी नायडू (Sarojini Naidu) नायडू राष्ट्रप्रेम तथा मातृभूमि को संबोधित कर कविताएं लिखने लगी.
"श्रम करते हैं हम
की समृद्ध हो तुम्हारी जागृति का पल
हो चुका जागरण
अब देखो, निकला दिन कितना उज्जवल।"
सरोजिनी नायडू की इन पंक्तियों को पढ़कर सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि उनका हृदय देश प्रेम से सर्वथा ओतप्रोत रहा. सन 1912 ईसवी में "द बर्ड ऑफ़ टाइम" नामक कविता संग्रह का प्रकाशन हुआ. इनकी प्रशंसा करते हुए यॉर्कशायर पोस्ट नामक पत्र ने लिखा था "श्रीमती नायडू ने हमारी भाषा को तो समृद्ध किया ही है. पूर्वी देशों की भावना और आत्मा से भी हमारा निकट का संपर्क कराया है.
"समय के पंछी का उड़ने को सीमित विस्तार,
पर लो, पंछी तो यह उड़ चला।"
सरोजिनी नायडू
इन पंक्तियों ने साहित्य प्रेमियों को स्वर्गिक आनंद का अनुभव कराया। सरोजिनी नायडू में तारों तक पहुंचने के लिए ऊपर उठने की चाहत थी. उन्होंने अपने कविता संग्रह "द ब्रोकन विंग" में लिखा है-
"ऊंचा उड़ती हूं मैं कि पहुँचूँ नियत झरने तक,
टूटे यह पंख लिए, मैं चढ़ती हूं ऊपर तारों तक।"
गोपाल कृष्ण गोखले सरोजिनी नायडू के अच्छे मित्र थे. वे उस समय भारत को अंग्रेजी सरकार से मुक्त कराने का कार्य कर रहे थे. इस कार्य से सरोजिनी नायडू बहुत प्रभावित हुई उन्होंने कहा -
"देश को गुलामी की जंजीरों में जकड़ा देखकर कोई भी ईमानदार इंसान बैठकर केवल गीत नहीं गुनगुना सकता। कवित्री होने की सार्थकता इसी में है कि संकट की घड़ी में निराशा और पराजय के क्षणों में आशा का संदेश दे सकूं।"



ऐसा दृढ़ संकल्प करके सरोजिनी ने देशभर में चारों तरफ घूम-घूम कर स्वाधीनता का संदेश फैलाया। उनका अधिकतर समय राजनीतिक कार्यों में व्यतीत होने लगा. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के बाद उनका कविता लेखन का कार्य धीमा पड़ गया. लेकिन जो स्थान अंग्रेजी काव्य लेखन में उन्होंने अपने लिए बना लिया था वह आज भी विद्यमान है.

सरोजिनी को लिखने के साथ-साथ वाणी का भी वरदान मिला था. लोग उनके धाराप्रवाह भाषण को मंत्रमुग्ध होकर सुना करते थे. वे पर्दा प्रथा पर प्रहार, हिंदू मुस्लिम एकता पर बल और स्वदेशी की भावना का प्रचार आदि मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न भागों में जागृति का संदेश लेकर गई. इनके जोशीले भाषणों की देशभर में बड़ी धूम थी.

गांधीजी 1916 ईसवी में कांग्रेस अधिवेशन में सम्मिलित हुए उन्होंने वहां पर भी सरोजिनी नायडू को उत्साह पूर्वक भाग लेते हुए पाया। यहीं पर जवाहरलाल नेहरू से उनकी पहली भेंट हुई थी. नेहरू जी ने लिखा है "मैं उन दिनों सरोजिनी नायडू के कई धाराप्रवाह भाषणों से प्रभावित हुआ था. वे राष्ट्रीयता और देशभक्ति से भरी थी"

सन 1919 ईसवी में जब प्रथम सत्याग्रह संग्राम का प्रतिज्ञा पत्र तैयार किया गया तो उसमें उन्होंने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सन 1922 ईसवी में गांधी जी पर मुकदमा चला और उन्हें 6 वर्ष की सजा हो गई. इस समय सरोजिनी नायडू (Sarojini Naidu) ने खद्दर वस्त्र धारण किया और देश के कोने-कोने में सत्याग्रह संग्राम का संदेश पहुंचाने के कार्य में लग गईं. वह कवित्री होने के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम की उच्च कोटि की नेता भी थी.

1925 ईसवी में इन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुन लिया गया. इस समय गांधी जी ने उत्साह भरे शब्दों में उनका स्वागत किया और कहा "पहली बार एक भारतीय महिला को देश की सबसे बड़ी सौगात मिली है" सन 1930 ईसवी में गांधी जी ने नमक कानून तोड़ो आंदोलन में दांडी मार्च किया और नमक कानून तोड़ा।सरोजिनी नायडू महिलाओं के दल के साथ पहले से समुद्र के किनारे उपस्थित थी.

1942 ईसवी में गांधीजी के भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने भाग लिया। आजादी की लड़ाई में उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा लेकिन वह कभी पीछे नहीं हटी. अंततः भारत के लिए वह सुनहरा दिन भी आया जिसकी लोगों को वर्षों से प्रतीक्षा थी.

भारत स्वतंत्र हुआ और श्रीमती सरोजिनी नायडू को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल पद का भार सौंपा गया. उत्तरदायित्व कि इतने उच्च पद पर आसीन होने वाली ये भारत की प्रथम महिला थी. उनके कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक जीवन में उत्साह दिखाई दिया।

सरोजिनी को इस बात का अच्छी तरह अनुभव था कि नारी अपने परिवार और देश के लिए कितना महान कार्य कर सकती है इसलिए उन्होंने नारी मुक्ति और नारी शिक्षा आंदोलन शुरू किया। नारी विकास को ध्यान में रखकर वो अखिल भारतीय महिला परिषद की सदस्य बनी.

सरोजनी नायडू का व्यवहार बहुत सामान्य था. वे राजनीतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ गीत और चुटकुलों का आनंद लिया करती थी. प्रकृति से उन्हें बड़ा प्रेम था. जब 30 जनवरी सन 1948 को दिल्ली में राष्ट्रपिता गांधी जी की हत्या कर दी गई तो इस वज्रपात से सरोजिनी नायडू सदमे में आ गयी.

पूरे देश भर में उदासी छा गई, सरोजिनी नायडू ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा -

"मेरे गुरु, मेरे नेता, मेरे पिता की आत्मा शांत होकर विश्राम न करें बल्कि उनकी राख गतिमान वो उठे, चंदन की राख. उनकी अस्थियां इस प्रकार जीवंत हो जाएं और उत्साह से परिपूर्ण हो जाए कि समस्त भारत उनकी मृत्यु के बाद वास्तविक स्वतंत्रता पाकर पुनर्जीवित हो उठे, मेरे पिता विश्राम मत करो ना हमें विश्राम करने दो. हमें अपना वचन पूरा करने की क्षमता दो, हमें अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने की शक्ति दो, हम तुम्हारे उत्तराधिकारी हैं, संतान है, सेवक हैं, तुम्हारे स्वप्न रक्षक हैं. भारत के भाग्य निर्माता हैं, तुम्हारा जीवन काल हम पर प्रभावी रहा है, अब तुम मृत्यु के बाद भी हम पर प्रभाव डालते रहो."

गांधी जी की मृत्यु का आघात उनके लिए बड़ा घातक सिद्ध हुआ, धीरे-धीरे उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा. 1 मार्च 1949 को जब वे बीमार थी उन्होंने नर्स से गीत सुनाने का आग्रह किया। नर्स का मधुर गीत सुनते सुनते वो चिर निंद्रा में सो गई. 2 मार्च 1949 को प्रातः 3:30 बजे भारत कोकिला (Sarojini Naidu) सदा के लिए मौन हो गई लेकिन उनकी मृत्यु तो केवल शरीर से हुई है. अपने यशरूपी शरीर से वे आज भी हमारे बीच में हैं.

सरोजिनी नायडू (Sarojini Naidu) ने जो जीवन भर विभिन्न रूपों में देश की सेवा की है इसके लिए हम भारतवासी सदैव उनके ऋणी रहेंगे।

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11 सित॰ 2019

कबीर के बेहतरीन दोहे हिन्दी अर्थ के साथ | Kabir ke dohe

कबीर के दोहे | Kabir ke dohe

संत कबीर 15वीं सदी के महान भारतीय कवि थे. वे अंध विश्वाश और सामाजिक बुराइयों के आलोचक थे. आज की इस पोस्ट में हम आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं संत कबीर के कुछ बेहद प्रसिद्ध दोहे (Kabir ke dohe) तो चलिए शुरू करते हैं.

कबीर के दोहे

कबीर दोहा 1 -
चलती चक्की देख कर, दिया कबीरा रोए दो पाटन के बीच में,साबित बचा न कोए.

अर्थ - पीसते हुए पत्थरों को देखते हुए, कबीर रोने लगते हैं, कोई भी जीवित नहीं रहता है। कबीर की अनुसार दो पत्थर वो हैं जिनके बीच हम रहते हैं जैसे - स्वर्ग और पृथ्वी, अच्छा और बुरा, पुरुष और महिला, उच्च और निम्न आदि. कोई भी इसकी शक्तिशाली पकड़ से नहीं बच पता है. जो भी इस द्वंद्व में प्रवेश करता है वह कुचला जाता है.
Kabir ke dohe

कबीर दोहा 2 -
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिल्या कोए जो मुन्न खोजा अपना, तो मुझसे बुरा ना कोए.



अर्थ - कबीर कहते हैं कि उन्होंने बुरे आदमी के लिए दुनिया की खोज की, लेकिन वह उस बुरे व्यक्ति को नहीं खोज सके, फिर उन्होने अपनी सोच प्रक्रिया और अपने मन को देखा. उसके बाद उन्हें वास्तविक दुष्ट व्यक्ति मिला जो उनके दिमाग में रहता था, जब हम आरोप लगाते हैं, तो दूसरे की निंदा करते हैं, यह हमारा दिमाग है जो उंगली से इशारा करता है, दूसरा व्यक्ति शायद निर्दोष है या परिस्थितियों का शिकार है. क्या हम निंदा करने वाले व्यक्तियों के शरीर में निवास करते हैं, उनका जीवन जीते हैं, उनकी परिस्थितियों को जानते हैं?

कबीर दोहा 3 -
काल करे सो आज कर, आज करे सो अब पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगा कब?

अर्थ - कल का काम आज करो और आज का काम अब, अगर यह पल चला गया तो फिर काम कैसे होगा? मतलब वह काम करो जो अब करने की जरूरत है। इसके लिए इंतज़ार मत करो.

कबीर दोहा 4 -
ऐसी वाणी बोलिये, मन का आपा खोए अपना तन शीतल करे, औरन को सुख होए.

अर्थ - ऐसे शब्दों का उपयोग करें जिससे आपका अहंकार समाप्त हो जाए. डींग मत मारो, उदास मत बनो, अपने आप को बड़ा, महत्वपूर्ण, समृद्ध या ऐसा कुछ भी मत बनाओ जो अहंकार को संलग्न करता है. यदि अहंकार लोगों के शब्दों में नहीं दिखता है, तो सुनने वाले को भी शांति मिलती है.

कबीर दोहा 5 -
धीरे धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होए माली सींचे सौ घड़ा, ऋतू आये फल होए.

अर्थ - इस दोने में कबीर अपने मन को धीमा करने के लिए कहते हैं, जीवन में सब कुछ धीरे-धीरे होता है, अपने समय में, फल केवल ऋतु आने पर मिलता है, उसी प्रकार जीवन का फल अपने समय में मिलेगा.



कबीर दोहा 6 -
साईं इतना दीजिये, जा में कुटुम्ब समाये मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाये

अर्थ - इस दोहे में कबीर भगवान से धन मांगते हुए कहते हैं, भगवान, मुझे इतना धन दे दो, मैं भूखा न रहूं और ना ही कोई साधु भूखा जाए. इसके अलावा वह एक हवेली, एक मर्सिडीज या लाखों रुपये की मांग नहीं करते.

कबीर दोहा 7 -
बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं, फल लागे अतिदूर

अर्थ - अगर तुम बड़े हो तो क्या? जैसे खजूर का पेड़ बड़ा होनी के बाद भी यात्रियों के लिए कोई छाया नहीं दे पाता, उसके फल तक पहुँचना भी कठिन है, इसलिए महत्वपूर्ण, और धनी होने के लिए बड़ा होना जरूरी नहीं है.

कबीर दोहा 8 -
माँगन मरण सामान है, मत कोई मांगे भीख माँगन से मरना भला, यह सतगुरु की सीख

अर्थ - भीख माँगना मरने के समान है, यह सतगुरु का संदेश है जिसका अर्थ है भीख मत मांगो, किसी को समय दो, कुछ सेवा दो, दोस्ती दो, प्यार दो लेकिन भीख मत दो।

कबीर दोहा 9 -
कबीरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर ना काहू से दोस्ती, न काहू से बैर

अर्थ - कबीरा बाज़ार में खड़ा है, वो हर किसी की समृद्धि की दुआ करता है वो न तो किसी के लिए विशेष दोस्त है और न ही दुश्मन.

कबीर दोहा 10 -
पोथी पढ़ पढ़ कर जग मुआ, पंडित भायो न कोई ढाई आखर प्रेम के, जो पढ़े सो पंडित होए

अर्थ - किताबों और शास्त्रों को पढ़ कर ना जाने कितनों की मृत्यु हो गई, लेकिन कोई भी पंडित नहीं बन पाया. प्यार के दो और आधे शब्द, जो कोई भी पढ़ता है, वो पंडित बन जाता है जिसका अर्थ है कि पुस्तक सीखने के बारे में भूल जाओ, किताबें पढ़ने से आप बुद्धिमान नहीं बनेंगे, प्यार के कुछ शब्द सीख लीजिये और आप पंडित बन जाएंगे.

कबीर दोहा 11 -
दुःख में सिमरण सब करे, सुख में करे न कोए जो सुख में सिमरन करे, तो दुख काहे को होय

अर्थ - जब भी कोई दुख में होता है भगवान को याद करता है, खुशी में कोई याद नहीं करता. अगर कोई भगवान की प्रार्थना करता है और उसे खुशी में याद करता है, तो दुःख आएगा ही क्यों? अर्थ दुनिया में आपके द्वारा अनुभव की गई पीड़ा आपको जगाने के लिए बनाई गई है. जब आप भगवान को महसूस करते हैं तो आप जाग जाते हैं. अगर आपने अपने खुश समय के दौरान ऐसा किया, तो आप दुख का अनुभव नहीं करेंगे.


संत कबीर के बारे में अन्य जानकारी - कबीर - विकिपीडिया


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1 सित॰ 2019

[BEST] Suvichar in hindi with Image wallpaper

Suvichar in Hindi

इस पोस्ट में हम आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं कुछ चुनिन्दा हिन्दी सुविचार, गुड मॉर्निंग हिन्दी सुविचार और Hindi Suvichar Image Wallpaper.

"वास्तविक बने रहें; बाकी सबकुछ पहले ही लिया जा चुका है" - ऑस्कर वाइल्ड

"ऐसे नाचो जैसे कोई नहीं देख रहा हो
ऐसे प्यार करो जैसे कभी धोखा ना मिलने वाला हो
ऐसे गाओ जैसे कोई नहीं सुन रहा हो,
और ऐसे जियो जैसे कि यह धरती स्वर्ग है ”
- विलियम डब्ल्यू पर्की

"वह परिवर्तन बने जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।"
- महात्मा गांधी



"कोई भी आपकी सहमति के बिना आपको हीन महसूस नहीं करा सकता है।"
- एलेनोर रूजवेल्ट

"ऐसे जिए जैसे आप कल मरने वाले हो और ऐसे सीखिये जैसे कि आप हमेशा जिंदा रहने वाले हो"
- महात्मा गांधी

सुविचार हिन्दी
“अंधेरे अंधेरे को नहीं हटा सकता, केवल प्रकाश ही ऐसा कर सकता है. नफरत नफरत से नहीं हटायी जा सकती, केवल प्यार ही ऐसा कर सकता है। ”
- मार्टिन लूथर किंग जूनियर

"संगीत के बिना, जीवन एक गलती जैसा होगा"
- फ्रेडरिक निएत्ज़्स्चे

"अभिरुचि सुंदरता है, पागलपन प्रतिभा है और एक उबाऊ होने से हास्यास्पद होना बहुत बेहतर है।"
- मैरिलिन मुनरो

"हम सभी गटर में हैं, लेकिन हममें से कुछ सितारे देख रहे हैं।"
- ऑस्कर वाइल्ड

"बीता हुआ कल इतिहास है, गुजरा हुआ कल एक रहस्य है, आज भगवान का एक उपहार है, यही कारण है कि हम इसे प्रेसेंट कहते हैं।"
- बिल कीन

हिन्दी सुविचार
“मैं असफल नहीं हुआ। मुझे सिर्फ 10,000 ऐसे तरीके मिले हैं जो काम नहीं करते। ”
- थॉमस ए एडीसन

"आपके भीतर एक अनकही कहानी को जन्म देने से बड़ी कोई पीड़ा नहीं है।"
- माया एंजेलो

"जो भी आप कल्पना कर सकते हैं वो सब सच है।"
- पब्लो पिकासो

“जीवन अपने आप को खोजना नहीं, अपने आप को बनाना है।"
- जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

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“जब खुशी का एक दरवाजा बंद होता है, तो दूसरा खुलता है; लेकिन अक्सर हम बंद दरवाजे पर इतने लंबे समय तक देखते हैं कि हमें वह दरवाजा नहीं दिखता जो हमारे लिए खोला गया है। ”
- हेलेन केलर

Good morning suvichar in hindi

Good morning suvichar in hindi


  • ऐसा लक्ष्य निर्धारित करें जो आपको सुबह बिस्तर से बाहर निकालने पर मजबूर कर दे.
  • मैंने आज सुबह दो उपहार खोले। वे मेरी आंखें थीं.
  • आपके पास यह दिन फिर कभी नहीं होगा इसलिए खुलकर जिए.
  • उठो, और हर दिन उज्ज्वल अवसर की तलाश करो.
  • एक सुहानी सुबह के लिए खुशहाल विचार ही एकमात्र इलाज है .. और जब मैं आपके बारे में सोचता हूं तो मुझे सबसे ज्यादा खुशी होती है!
गुड मॉर्निंग सुविचार

  • "एक मुस्कान और एक सकारात्मक सोच के साथ अपने दिन की शुरुआत करें।" - गुड मॉर्निंग
  • “यदि कल एक अच्छा दिन था तो रुकना नहीं क्योंकि शायद आपकी जीत अभी शुरू ही हुई हो ”
  • “लोगों को अपने सपने बताओ नहीं, उन्हें करके दिखाओ।"
  • "सुबह में एक छोटा सा सकारात्मक विचार आपके पूरे दिन को बदल सकता है।"
  • "हर सुबह उठो और अपने आप से कहो:" मैं यह कर सकता हूँ! "- गुड मॉर्निंग
  • “यह सुबह कभी भी आपके जीवन में दुबारा वापस नहीं आएगी, उठो और इसका अधिकतम लाभ उठाओ। " - गुड मॉर्निंग
  • "आईने में मुस्कुराओ, ऐसा हर सुबह करो और तुम अपने जीवन में एक बड़ा अंतर देखना शुरू करोगे।"
  • "भगवान हमेशा हमें उस स्थान पर ले जाना चाहते हैं जहां हमें होना चाहिए, न कि जहां हम होना चाहते हैं।" - गुड मॉर्निंग
  • "यदि आप आज शुरू नहीं करते हैं तो आप कल खत्म नहीं कर सकते" - गुड मॉर्निंग

Good morning suvichar in hindi
  • अंदर स्थिरता होने पर बाहर की दुनिया बाहर बेहद खूबसूरत हो जाती है। ”- गुड मॉर्निंग
  • "सुबह लगभग एक साफ स्लेट्स की तरह है। मैं लगभग साफ इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि कल का अवशेष कभी-कभी उन पर अटक जाता है। ”- गुड मॉर्निंग
  • "अपने आप में और अपनी क्षमताओं में विश्वास करो" - गुड मॉर्निंग
  • "सुबह की सैर पूरे दिन के लिए आशीर्वाद जैसी है।" - गुड मॉर्निंग
  • "जो आवश्यक है उसे करना शुरू करें, फिर जो संभव है वह करें और अचानक आप असंभव को पूरा कर रहे होंगे"
  • "दुनिया को आपकी मुस्कान मत बदलने दो, अपनी मुस्कान से इस दुनिया को बदल दो।" - टोनी रॉबिंस
  • "हम जो कुछ भी चाहते हैं वह डर के दूसरी तरफ है।"
  • ईमानदारी में एक शक्ति है जो बहुत कम लोगो के पास है - शुभ प्रभात!

गुड मॉर्निंग सुविचार
सूर्य एक दिन के लिए चमकता है, मोमबत्ती एक घंटे के लिए, माचिस एक मिनट के लिए लेकिन एक अच्छा दिन हमेशा के लिए चमक सकता है, इसलिए अपने दिन की शुरुआत एक मुस्कान के साथ करें. - शुभ प्रभात!



हर सुबह मैं दो खूबसूरत चीजों के लिए आभारी महसूस करता हूं - मेरी लाइफ और मेरी वाइफ़ - गुड मॉर्निंग
आपको पता नहीं है कि कितना अच्छा लगता है हर सुबह जागना और यह महशूस करना कि तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा - गुड मॉर्निंग

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30 जुल॰ 2019

Rozdhan App से ऐसे कमाएं फ्री Paytm Cash

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2 - यहाँ आपको आमंत्रित मित्र लिंक मिल जाएगी.

3 - यहाँ आपको एक विशिष्ट रेफेररल कोड और शेयर लिंक मिलेगा.
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यह भी पढ़ें - Dream11 से घर बैठे पैसे कैसे कमाएँ - Free Rs 100 Sign Up Bonus

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5 - बैंक खाता और रिडीम अनुरोध दर्ज करें.

6 - आपको 7 दिन के भीतर आपके बैंक खाते में राशि प्राप्त हो जाएगी.
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