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14 अग॰ 2018

नाग पंचमी का महत्व, जानिए नाग पंचमी क्यों मनायी जाती है

नाग पंचमी का महत्व

सावन महीने में आने वाले महत्वपूर्ण त्योहारों में एक नाग पंचमी का त्यौहार भी है। सांप अर्थात नाग का हिंदू पौराणिक कथाओं में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि उन्हें पाताल लोक या नाग लोक के निवासी भी माना जाता है। ग्रंथों में सापों को एक समुदाय के रूप में माना जाता है. नाग पंचमी के दिन मनसा देवी की भी विशेष रूप से पूजा की जाती है उनका मंदिर बिल्वा पर्वत पर स्थित है, जो दक्षिणी हिमालयी श्रृंखला शिवलिक पर्वत पर स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि मनसा देवी, भगवान शिव के मन से प्रकट हुईं उन्हें सांप वासुकी की बहन भी कहा जाता है। माना जाता है इस दिन मनसा देवी माता की मन से पूजा करने पर वो अपने भक्तों की सभी उचित इच्छाओं को पूरा करती है।


नाग पंचमी का महत्व
इस दिन नाग को दूध चढ़ाया जाता है और चावल पेश किया जाता है और परिवार को और कुल संरक्षण देने के लिए प्रार्थना की जाती है। पूरे भारत और नेपाल में, नाग पंचमी विभिन्न तरीकों से मनाया जाता है। कुछ स्थानों पर चतुर्थी पर सांप पूजा की जाती है जिसे नागा चतुर्थी भी कहा जाता है।

वर्ष 2018 में नाग पंचमी कब है?

वर्ष 2018 में नाग पंचमी 15 अगस्त को मनाई जाएगी जिस दिन भारत में स्वतंत्रता दिवस भी है। 

सांपों का हिन्दू धर्म में महत्त्व

प्राचीन काल से ही सांपों को हिंदू धर्म में एक प्रमुख स्थान दिया गया है। कई हिंदू देवताओं को साँपों के साथ दिखाया जाता है जैसे - भगवान विष्णु शेषनाग के आसन पर सोते हैं। भगवान शिव अपने गहने के रूप में सांप पहनते हैं इसके अलावा गणेश भगवन भी सांपों के साथ दिखाए जाते हैं इसलिए ऐसा कहा जा सकता है की हिंदू इतिहास में बहुत लंबे समय से सांपों की पूजा कर रहे हैं।


नाग पंचमी से जुडी कहानियां

इस दिन से कई पौराणिक कथाओं जुडी है जिनके अनुसार, एक घातक सांप कालिया यमुना नदी को जहरीला कर रहा था और ब्रज के निवासियों के लिए पानी पीना मुश्किल हो गया था। कृष्णा जिन्हें भगवान विष्णु के एक अवतार के रूप में माना जाता है, एक दिन नदी में गिरने वाली गेंद के कारण बहस बहाने कलिया के साथ झगड़ा करते है और अंततः उसे पराजित करते है। कालिया हार मान लेता है और नदी से सभी जहर दूर ले जाता है और कृष्ण बदले में उसे आशीर्वाद देते हैं कि पंचमी के इस दिन जो भी सांपों को दूध चढ़ाएगा और प्रार्थना करेगा वो आने वाले समय में सभी कठिनाइयों से दूर रहेगा। इस प्रकार से उस दिन से नागपंचमी दिवस के रूप में मनाया जाता था। 

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7 अग॰ 2018

5 बातें जो बुद्धिमान और सफल व्यक्ति कभी नहीं बोलते

क्या आप जानते है पावरफुल और सफल लोगों में कुछ खास बातें या खास गुण होते है और वह कुछ खास तरह से सोचते हैं और कुछ खास बातों को कहने से वह बचते हैं इसी वजह से तो वह सफल और पावरफुल बने हैं।

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तो आइए जानते हैं कि ऐसी कौन सी बात है जो सफल, पावरफुल और बुद्धिमान लोग दूसरों को कहने से बचते हैं



1 - यह असंभव है
पावरफुल और सफल इंसान किसी भी काम को असंभव नहीं मानता, वह आगे बढ़ने के लिए सच्चे दिल से प्रयास करता है और मुश्किल काम को भी संभव करके दिखाता है. वह हर काम के बारे में यही सोचता है और यही कहता है कि मैं इसे करके दिखाऊंगा और मैं इसे कर सकता हूं इससे यही होता है कि लोगों के बीच में एक अच्छा मैसेज जाता है कि वह एक पावरफुल और बुद्धिमान इंसान है और कुछ भी कर सकता है उसके लिए हर काम आसान है। 

2 - मैं अकेला काम करता हूं
सफल लोग इस बात को समझते और जानते हैं कि इस दुनिया में हर एक चीज आपसे जुड़ी हुई है और एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता, सफल और बुद्धिमान लोग दूसरों के साथ मिलकर काम करते हैं और अपने काम को और बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं जिससे उनकी सफलता का ग्राफ ऊपर ही बढ़ता रहता है। 

3 - यह समस्या मेरी नहीं है
ज्यादातर लोग स्व केंद्रित होते हैं इसका मतलब यही होता है कि वह अपने आप को बचाने के लिए दूसरों पर समस्या थोप देते हैं और किसी भी तरह की समस्या आने पर खुद का बचाव करने लगते हैं लेकिन पावरफुल और सफल लोग जिम्मेदारी लेते हैं और सबकी मदद करने के लिए तैयार रहते हैं और किसी भी प्रॉब्लम से वो भागते नहीं, यही तो सबसे बड़ा सीक्रेट है सफल लोगों का कि वह सब की मदद करते हैं जिसकी वजह से उनके साथ लोग जुड़ते चले जाते हैं और कुछ ही टाइम में उनका एक सबसे बड़ा और पावरफुल नेटवर्क बन जाता है। 


4 - सच कहूं तो
यह डायलॉग आप भी बोलते होंगे और बहुत सारे लोगों को मैंने बोलते हुए देखा है इस तरह का वाक्य यह दर्शाता है कि आप झूठ भी बोल सकते हैं. जरा सोचिए अगर आप किसी के सामने यह बोलते हैं कि “सच कहूं तो”, तो उसके दिमाग में एक बार तो आएगा ही आएगा कि आप कभी झूठ भी बोल सकते हैं. बुद्धिमान इंसान जानता है कि उसके हर एक शब्दों पर और हर एक लाइन पर गौर किया जाता है इसीलिए वह कभी जाहिर नहीं करता कि वह झूठ बोल सकता है इससे लोगों का विश्वास उस पर बना रहता है और सबसे जरूरी बात, सफल लोग कभी भी किसी भी बात को मनवाने के लिए कोई शर्त नहीं रखते। 

5 - इसमें मै क्या कर सकता हूं


मेरा मानना यही है कि कमजोर लोग ही इस तरह की लाइन का उपयोग करते हैं, बुद्धिमान लोग बदलाव के लिए कोशिश करते हैं कैसी भी परिस्थिति क्यों ना हो वह घबराते नहीं, वह आगे बढ़ते हैं, वह दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं वह कभी किसी काम को टालते नहीं और किसी भी काम से भागते नहीं है साथ ही वह अपनी सीमा तय नहीं करते हैं क्योंकि उनका लक्ष्य सबसे बड़ा होता है और सबसे आगे रहने का उनका सपना होता है। 

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6 अग॰ 2018

ख़राब मूड में रहते है तो यह कहानी जरूर पढ़ें

यह Hindi Moral Story (कहानी) है दो भेडियों की जिसमे से एक भेड़िया बहुत ही बुरा था, बहुत जल्दी गुस्से में आ जाता था, अपने बारे में ही सोचता था, मतलबी था और दूसरा भेड़िया प्यार से भरा हुआ था हमेशा जमीन से जुड़ा रहता था, दूसरों के बारे में भी सोचता था, खुश रहता था।
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क्या आप जानते है इसी तरीके के दो भेडिये हमारे अंदर भी है जो आपस में लड़ते रहते है, दिन में कई बार इनमें आपस में जंग चलती है और अंत में जीतता वही है जिसको हम ज्यादा खाना खिलाते है। 



जब भी हमें गुस्सा आता हैं या घमंड से भर जाते हैं या लालच आता है तो उस टाइम हम जाने अनजानेअपने बुरे भेड़िए को और खाना खिला रहे होते हैं और ऐसे में अगर दूसरी तरफ से हमें कोई कुछ कह दे और हमें कुछ सुना दे तो हमारा गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है और हम अपने बुरे भेडिये को और ताकतवर बना देते हैं उसको और खाना खिला देते हैं। 

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और इस तरह से वो बुरा भेड़िया कब हम पर काबू पाकर हमें अपना गुलाम बना लेता है हमें पता भी नहीं चलता और यही कारण है कि दुनिया के ज्यादातर लोग अपने बुरे भेडिये को खाना खिला रहे हैं और नेगेटिव जिंदगी बिता रहे हैं। 



आपने ऐसे भी कुछ लोग देखे होंगे जो किसी भी परिस्थिति में कभी अपना टेम्पर नहीं खोते है, कभी अपने बुरे भेड़िए को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते, हमेशा खुश रहते हैं क्योंकि वह हमेशा अपने अच्छे बभेडिये को खाना खिला रहे होते है।

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हर दिन हमें कई ऐसे मौके मिलते हैं जब हम खुद को यह सवाल पूछ सकते हैं की इस वक्त बुरे भेडिये को खाना खिलाकर और ज्यादा नेगेटिव और गुस्से वाला बनकर दुखी होना है या अच्छे भेडिये को खाना खिला कर खुश रहना और दूसरों को भी खुश रखना है।


तो आप किस भेडिये को ज्यादा खाना खिलाने वाले हैं कमेंट में जरूर बताना, मेरी हमेशा कोशिश रहती है आपकी जिंदगी को बेहतर बनाता रहूं उसके लिए मै लगातार ऐसी Hindi Moral Story पोस्ट करते रहता हूँ इसलिए हमें बुकमार्क करना न भूलें। 
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5 अग॰ 2018

जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती के रहस्यमयी मदन महल किले का इतिहास

Madan Mahal Fort History in Hindi

मदन महल किला ना जाने कितने इतिहासों को अपने अंदर समेटे हुए हैं कहा जाता है यहाँ आत्माओं का वास है और यहाँ पर अजीब सी आवाजें आती है, इसके अलावा कुछ और भी बातें यहां है जो इस किले को खास बनाती है वह है यहां पर सोने की ईंटों का गडा होना।

Madan Mahal Fort History in Hindi

आइए जानते हैं मदन महल किले का इतिहास -


जबलपुर में स्थित एक किला जो पहाड़ों पर निर्मित होने के साथ-साथ उन शासकों के अस्तित्व का साक्षी है जिन्होंने यहां 11 वीं शताब्दी में काफी समय के लिए शासन किया था. जबलपुर का मदन महल किला, मदन सिंह द्वारा बनवाया गया था जिसे देख आज भी हम उस दौर में राजा के शान-शौकत के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं। 


मदन महल किले का इतिहास

यह किला शहर से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर है और यह एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है जहां से आसमान के बादलों को आसानी से निहारा जा सकता है. इसके किले को राजा ने बनाया तो था अपनी शान और शौकत के लिए लेकिन युद्ध और हमलों के कारण सेना इसका इस्तेमाल एक वॉच टावर के रूप में करने लगी। 


कहते हैं यह किला भूतिया है बताया जाता है किले में बरसों पहले किसी का साया भटकते हुए देखा गया था जिसकी वजह से लोग रात मेंलोग यहाँ आने से डरते थे. रात होते ही यहां तरह तरह की डरावनी आवाज भी आया करती थी हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है कि कहा नहीं जा सकता क्योंकि पहाड़ पर होने की वजह से यहां अपराधिक तत्वों की आमद भी होने लगी थी। 



खंडहर में तब्दील हो चुके इस किले के बारे में यह कहानी प्रचलित है कि यहां पर सोने की इटें गडी है जिसे खोजने के लिए लोग खुदाई भी कर चुके हैं पर सफलता आज तक किसी के हाथ ना लगी. यह किला राजा की माँ रानी दुर्गावती से भी जुड़ा हुआ है जो कि एक बहादुर गोंड रानी के रूप में जानी जाती है। 

खंडहर में तब्दील हो चुके इस किले में आज भी आपको ऐसा नजारें देखने को मिल जाएंगे जैसे कि शाही परिवार का मुख्य कक्ष, युद्ध कक्ष, छोटा सा तालाब और अस्तबल. मदन महल की लिखित कहानियों के अनुसार यहां एक गुप्त सुरंग मिली थी जिसे अब बंद कर दिया गया है, बताया जाता है कि यह सुरंग मंडला जाकर खुलती थी इस सुरंग के रास्ते रानी दुर्गावती मंडला से इस किले तक आती थी. वही किले का एक रास्ता यहां से पास के मंदिर जाता है कहा जाता है कि रानी दुर्गावती इस मंदिर में पूजा करती थी। 



यह रहस्यमयी किला टूरिस्ट के आकर्षण का केंद्र वर्षों से बना हुआ है अगर आप कभी जबलपुर जाए तो इस किले में जाकर इस के रहस्यमयी वातावरण को महसूस कर सकते हैं। 

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4 अग॰ 2018

द्वारका पुरी के नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का इतिहास हिंदी में

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का इतिहास

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग जो भगवान शिव को समर्पित है यह शिव जी के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, हिंदू धर्म के अनुसार नागेश्वर अर्थात नागों का ईश्वर होता है, कहा गया है कि जो लोग नागेश्वर महादेव की पूजा करते हैं वो विष से मुक्त हो जाते हैं.

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का इतिहास
रुद्र संहिता श्लोक में भी नागेश्वर का उल्लेख किया गया है भगवान शिव का यह प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग गुजरात प्रांत के द्वारकापुरी से लगभग 16.5 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है. यह स्थान गोमती द्वारका से बेट द्वारका जाते समय रास्ते में ही पड़ता है इस पवित्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन कि शास्त्रों में बड़ी महिमा बताई गई है.



कहा गया है कि जो श्रद्धा पूर्वक इसकी उत्पत्ति और महात्म की कथा सुनेगा वह सारे पापों से छुटकारा पाकर समस्त सुखों का भोग करता हुआ अंत में भगवान शिव के परम पवित्र धाम को प्राप्त होगा. इस ज्योतिर्लिंग के संबंध में पुराणों में कथा वर्णित है सुप्रिय नामक एक बड़ा धर्मात्मा और सदाचारी वैश्य था वह भगवान शिव का अनन्य भक्त था वह निरंतर उनकी पूजा आराधना और ध्यान में लीन रहता था, अपने सारे कार्य भगवान शिव को समर्पित करता था।

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मन,कर्म और वचन से वह पूर्णतः शिव पूजा में ही लीन रहता था उसकी शिव भक्ति से दारुक नामक एक राक्षस बहुत ही क्रुद्ध रहता था उसे भगवान शिव की पूजा किसी भी प्रकार से अच्छी नहीं लगती थी वह निरंतर इस बात का प्रयत्न करता रहता था कि उस सुप्रिय की पूजा अर्चन में किस प्रकार विघ्न पहुंचे। 

एक बार की बात है सुप्रिय नौका पर सवार होकर कहीं जा रहा था, यह देख कर रात दारुक में नौका पर आक्रमण करके उसे बंदी बना लिया और अपनी राजधानी में ले जाकर कैद कर लिया। सुप्रिय कारागार में भी अपने नित्य नियम के अनुसार भगवान शिव की पूजा करने लगा दारुक ने अपने सैनिकों से सुप्रिय के विषय में जब यह समाचार सुना की वह कारागृह में भी शिव की आराधना कर रहा है तो वह अत्यंत क्रोधित होकर उसकी कारागाह में आ पहुंचा और कहने लगा अरे दुष्ट वैश्य दो आंखें बंद करके इस समय कौन से उपद्रव और षड्यंत्र करने की बात सोच रहा है.

उसके यह कहने पर भी धर्मात्मा शिवभक्त सुप्रिय की समाधी अभंग नहीं हुई अब तो वह दारुक राक्षस क्रोध से एकदम पागल हो गया। उसने तत्काल अपने सैनिकों को सुप्रिय तथा अन्य बंधियों को मार डालने का आदेश दे दिया, सुप्रिय उसके इस आदेश से जरा भी विचलित और भयभीत नहीं हुआ वह एकाग्र मन से अपनी और अपने बंधियों की मुक्ति के लिए भगवान शिव से प्रार्थना करने लगा। 

उसे विश्वास था कि मेरे आराध्य भगवान शिवजी इस विपत्ति से मुझे अवश्य ही छुटकारा दिलाएंगे, उसकी प्रार्थना सुनकर भगवान शंकर जी उसी पल उस स्थान पर चमकते हुई सिंहासन पर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और सुप्रिय को दर्शन देकर उसे अपना पशुपत्र भी प्रदान किया। 

इस अस्त्र से राक्षस दारुक तथा उसके सहायकों का वध कर के सुप्रिय शिवधाम को चला गया। भगवान शिव के आदेश अनुसार ही इस ज्योतिर्लिंग का नाम नागेश्वर ज्योतिर्लिंग पड़ा।



आप जैसे ही नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के परिसर में प्रवेश करेंगे तो आपको मन मोह लेने वाले भगवान शिव की ध्यान मुद्रा में स्थित एक बड़ी ही मनमोहक और अति विशाल प्रतिमा दिखेगी। यह मूर्ति 125 फीट ऊंची तथा 24 फीट चौड़ी है मंदिर में पहले एक सभागृह मौजूद है जहां पूजन सामग्री की छोटी-छोटी दुकानें लगी हुई है सभामंडप कि आगे तलघर नुमा गर्भगृह में श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग विराजमान है। 

गर्भगृह सभामंडप के निचले स्तर पर स्थित है यह अद्भुत ज्योतिर्लिंग मध्यम बड़े आकार का है जिसके ऊपर एक चांदी का आवरण चढ़ा रहता है। ज्योतिर्लिंग पर ही एक चांदी के नाग की आकृति बनी हुई है ज्योतिर्लिंग के पीछे माता पार्वती की मूर्ति स्थापित है।

गर्भगृह में पुरुष भक्त सिर्फ धोती पहनकर ही प्रवेश कर सकते हैं वह भी तब जब उन्हें अभिषेक करवाना होता है यह मंदिर प्रातः सुबह 5:00 बजे आरती के साथ खुलता है। आम जनता के लिए मंदिर 6:00 बजे ही खुलता है, भक्तों के लिए शाम 4:00 बजे सिंगार दर्शन होता है तथा उसके बाद गर्भगृह में प्रवेश बंद हो जाता है। सयन आरती शाम 7:00 बजे होती है तथा 9:00 बजे रात को मंदिर बंद हो जाता है।

इस ज्योतिर्लिंग के अलावा इतिहास में दो और नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का विवरण हमें देखने को मिलता है जिनमें से एक महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित है वहीँ अन्य लोगों का मानना है कि यह ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा के समीप जागेश्वर नामक जगह पर स्थित है। 



इन सारे मतभेदों के बावजूद तथ्य यह है कि प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में भक्त गुजरात में द्वारका के समीप स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन पूजन और अभिषेक के लिए आते रहते हैं, दोस्तों अपने जीवन काल एक बार इस अद्भुत ज्योतिर्लिंग के दर्शन जरूर कीजिएगा। 
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गाय को न खिलाएं ऐसी रोटी, वरना बढ़ सकती है परेशानी

शास्त्रों और पुराणों में गाय को पूजनीय स्थान दिया गया है कहा जाता है कि गाय के शरीर में सभी देवी-देवता, ऋषि मुनि, गंगा आदि सभी नदिया और तीर्थ निवास करते हैं इसलिए गौ सेवा से सभी की सेवा का फल बड़ी ही आसानी से प्राप्त हो जाता है गाय का दूध जितना अधिक स्वास्थ्यवर्धक है उतना शायद ही किसी पशु का दूध लाभदायक होगा.
गाय को रोटी खिलाना
इसके अतिरिक्त गाय के पंचगव्य का भी विशेष महत्व है, धार्मिक पूजा में भी पंचगव्य का प्रयोग किया जाता है इतना ही नहीं गोमूत्र और गोबर के विभिन्न प्रकार के कीटनाशक का प्रयोग होता है इसीलिए गाय को हम गौ माता कहकर पुकारते हैं. सनातन धर्म में गाय को लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है इसीलिए ऐसा कहा जाता है कि गाय की सेवा करने से घर परिवार सुखी संपन्न रहता है.

हिंदू मान्यताओं के अनुसार जिस घर में गाय की सेवा निस्वार्थ भाव से की जाती है उस घर में सदैव लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है इतना ही नहीं जिस घर में गाय की सेवा होती है वहां अचानक किसी भी प्रकार की विघ्न-बाधा नहीं आ पाती है.

दोस्तों अगर किसी के घर में गौ माता है तो गाय की सेवा करने का मौका हर दिन मिलता है परंतु शहर में ऐसा करना थोड़ा कठिन है इसलिए जब भी लोगों को मौका मिलता है तो वह गाय को रोटी खिलाने से नहीं चूकते हैं ताकि वो खुद को पुण्य का भागी बना सके और साथ ही साथ अपनी बिगड़ी किस्मत भी सवार सके परंतु जानकारी के अभाव में हम पूण्य करने की राह में हम कुछ ऐसा कर बैठते हैं जिसका फल दुःख और दुर्भाग्य के रूप में हमें मिलता है.

नित्य गाय को रोटी खिलाना हर एक दृष्टिकोण से शुभ माना जाता है लेकिन आजकल का तरीका बदल चुका है जो कि बेहद अशुभ माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार गाय को रोटी खिलाने में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए अधिकतर लोग गाय के लिए रोटी तो रखते हैं लेकिन समय से इसे खिला नहीं पाते हैं कई बार तो गाय के लिए रखी ये रोटी दो-तीन दिनों के बाद खिलाई जाती है.


गाय के लिए रखी रोटी को जब कुछ दिनों के अंतराल के बाद खिलाया जाता है तो ऐसी स्थिति में घर में बदहाली, दुख और विपत्ति का साया मंडराने लगता है ऐसी स्थिति में अधिक ध्यान रखना चाहिए कि गाय को खिलाने के लिए रोटी जो रखी गई है वो बासी ना हो क्योंकि अगर आप गाय को बासी रोटी खिलाते हैं या झूठा खाना खिलाते हैं तो इससे गाय का अपमान होता है जिससे गाय के अंदर वास कर रहे समस्त देवी देवताओं का भी अपमान होता है.

अगर आप ऐसा करते हैं तो आप सीधे तौर पर अपने और अपने परिवार पर विपत्ति लाते हैं जिससे आपका भाग्य दुर्भाग्य में बदल जाता है अगर हो सके तो खाना बनाते वक्त हमेशा पहली रोटी गाय के लिए बनाए और उसके बाद ही परिवार के बाकी लोगों के लिए रोटी बनाये.

कोशिश करनी चाहिए कि गाय की रोटी में थोड़ी हल्दी भी मिली हो इससे गाय को रोटी खिलाने का अपार सुख मिलता है अगर आप गुरुवार को लोई यानि सने हुए आटे में हल्दी मिलाकर गाय को खिलाते हैं तो इससे आपके जीवन में सुख और वैभव का आगमन होता है.

दोस्तों हम आपसे गुज़ारिश करते है की प्रकृति में मौजूद किसी भी जीव जंतु के प्रति कठोर भावना ना रखें, गौ माता का सम्मान करें, उनकी रक्षा करें. गौ माता के साथ कभी भी मन से घ्रणा न करे, उन्हें सदा ही सुख दें उनका दिल से सत्कार करें और नमस्कार आदि के द्वारा उनका पूजन करते रहे और जो मनुष्य इन बातों का पालन करता है वह जीवन में सुख और समृद्धि का भागी होता है.
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14 जुल॰ 2018

5 आहार जो बनाते है आपको सुन्दर और जवान

5 आहार जो बनाते है आपको सुन्दर और जवान

आप दिमाग की शक्ति बढ़ाने के लिए बहुत कुछ करते हो पर आपकी लुक भी उतनी ही जरूरी है मतलब आप कैसे दिखते हो यह भी आजकल की दुनिया में बहुत जरूरी है पोस्ट को पूरा पढना क्योंकि जिन चीजों या आहार के बारे में मैं आपको बताने जा रहा हूं वह आपको और सुंदर बना देंगी और आपके चेहरे की ग्लो 10 गुना तक बढ़ जाएगी। 
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आपको तो पता ही होगा कि उम्र को रोकने का कोई तरीका अभी तक विज्ञान के पास नहीं है पर आप अपनी उम्र के बढ़ने की गति को धीरे जरूर कर सकते हो. अगर आपने इन चीजों को खाना शुरु कर दिया जिसके बारे में मैं आपको बताने जा रहा हूं तब आप 10 से 15 साल तक जवान दिख सकते हो मतलब जब आप की उम्र 30 से 35 भी होगी तब भी आप 20 से 22 के दिखोगे और यह होगा इन्हें खाकर -



5 - दही
दही प्रोटीन और कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत होता है प्रोटीन आपके शरीर के मसल को बनाने में मदद करता है और कैल्शियम आपकी हड्डियों को मजबूत करता है दही में ऐसे करोड़ों बैक्टीरिया हैं जो आपकी पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं ऐसा कहा जाता है कि सारी बीमारियां पेट से ही उत्पन्न होती है इसका मतलब अगर आपका पाचन तंत्र सही है खाना अच्छे से पचता है तो आपको बीमारियां हो ही नहीं सकती इसलिए रोज दही का सेवन करना मत भूलना



4 - गाजर
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गाजर आपकी आंखों के लिए अमृत के समान है मतलब यह आपकी आंखों को कभी खराब नहीं होने देगा और अगर खराब है तो यह आपकी आंखों की खोई हुई शक्ति को वापस लाने में मदद करेगा आपकी आंखों के अंदर की रेटिना के लिए गाजर बहुत लाभदायक होता है और इसलिए जो इंसान रेगुलर गाजर खाता है उसकी आंखों की रोशनी कभी कम नहीं होती. गाजर आपके दांतो के लिए भी बहुत अच्छा होता है दांतों में कैविटी, दर्द, सडन और दातों की कोई भी प्रॉब्लम हो गाजर इन्हें ठीक करता है. गाजर आपकी त्वचा को सुंदर बनाता है और दिमाग के फायदे की बात करूँ तो यह आपके समझने की शक्ति को 5 से 6 गुना बढ़ा देगा अगर आपने इसका नियमित सेवन किया तो

3 - संतरा
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संतरा आपके ब्लड सरकुलेशन के लिए बहुत अच्छा होता है मतलब यह आपके शरीर में खून को हर जगह अच्छे से पहुंचाने में मदद करता है जिससे आपके शरीर के अंदर के अंग स्वस्थ रहते हैं. संतरा आपके दिल के लिए भी बहुत अच्छा होता है आजकल हर परिवार में किसी ना किसी को दिल की बीमारी की समस्या हो ही जाती है पर अगर आप संतरा खाते हो तब आप दिल की कोई भी प्रॉब्लम को भूल जाओ आपका दिल हमेशा स्वस्थ रहेगा. इसके अलावा संतरा आपकी त्वचा की जितनी भी प्रॉब्लम है जैसे पिंपल, रिंकल इन सब को कम करता है

2 - टमाटर
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टमाटर के अंदर बहुत सारे विटामिन होते हैं जैसे विटामिन ए और सी और यह दोनों आप की त्वचा को एक तेज़ देतें है जिसके चलते आपका स्किन चमकने लगता है खास करके विटामिन ए जो आपकी आंखों को तेज करता है और जहां तक आपकी त्वचा की बात है आपको आज एक सीक्रेट बात बता रहा हूं मार्केट में आज जितने भी महंगे एंटी-एजिंग प्रोडक्ट्स होते हैं मतलब जो आपकी उम्र के बढ़ने की गति को कम करते हैं उसमें टमाटर का इस्तेमाल होता है और वह भी बहुत ज्यादा मात्रा में, टमाटर को बहुत सारे केमिकल्स के साथ मिलाकर ही ज्यादातर क्रीम बनते हैं तो अगर आप किसी भी तरह टमाटर का सेवन करोगे तो आपकी त्वचा हमेशा जवान रहेगी

1 - पालक साग
जितनी चीजों के बारे में मैंने आपको बताया उनमे से यह कुछ ज्यादा ही खास है., पालक साग इस दुनिया के सबसे स्वस्थ भोजन में से एक है और बिल्कुल गाजर की तरह ही आपकी आंखों के लिए बहुत अच्छा होता है और पालक में अच्छी खासी मात्रा में विटामिन “के” होता है जो आपकी हड्डियों को मजबूत करता है. पालक हाइपरटेंशन यानि हाई ब्लड प्रेशर को रोकता है. दिल की समस्या की तरह ही आजकल हर परिवार में उच्च रक्तचाप यानि हाई ब्लड प्रेशर भी बहुत आम बीमारी बन गया है और पलक साग इसी खतरनाक हाई ब्लड प्रेशर से आप को बचाता है. पालक में जिंक और मैग्नीशियम होता है जो आपके शरीर के तनाव को कम करता है जो आपको रात को गहरी नींद पाने में मदद करता है ये आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि वह प्रणाली जो आपके शरीर को बीमारियों से बचाती है को और भी मजबूत करता है. आपके चेहरे पर मौजूद पिंपल्स को भी कम करता है.



एक सामान्य बात बता रहा हूं उसे समझना आपकी त्वचा जो समय के साथ खराब होती है वो फ्री रेडिकल्स के चलते होती है क्योंकि यह फ्री रेडिकल आपकी त्वचा को बर्बाद करते हैं और इसी के चलते आप की त्वचा चमकती नहीं है पर पालक फ्री रेडिकल्स को मार देता है और इसी के चलते आपका स्किन चमकने लगता है और पालक साग कि जो सबसे बेस्ट बात है वह यह है कि यह आपके दिमाग को तेज करता है यह आपके दिमाग के न्यूरॉन्स के बीच के तालमेल को मजबूत करता है और इसी के चलते आपकी स्मरण शक्ति बढ़ती है. जवान सिर्फ दिखने से काम नहीं चलेगा कोई बहुत सुंदर दिखता है पर दिमाग से कमजोर हो तो यह बात कुछ अच्छी नहीं लगती पर जवान शरीर के साथ-साथ दिमाग भी बिजली की तरह तेज चले इससे अच्छी बात और कोई हो ही नहीं सकती और पालक इसी दिमागी जरूरत को पूरा करता है मतलब पालक साग ऑलराउंडर है और यह आपकी दोनों जरूरतों को पूरा करता है खूबसूरत बनाता है और दिमाग भी तेज़ करता है. जितने आइटम्स मैंने आपको बताएं है इनका सेवन अगर आप रेगुलर यानी नियमित रूप से करोगे तो आप 10 से 15 साल तक जवान दिखते हो लेकिन बात यह है कि ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं होती इसलिए वो in चीजों का फायदा उठा ही नहीं पाते और 35 साल में ही 50 के लगने लगते है लेकिन अब आपको यह अमूल्य जानकारी मिल गई है तो बस हो जाओ शुरू

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12 जुल॰ 2018

5 जरूरी बातें जो संजू फिल्म में नही दिखायी गयी

फिल्म संजू से सभी के सामने संजय दत्त की लाइफ स्टोरी दिखाई गई है जिसे रणबीर कपूर ने बखूबी निभाया है हम समझ सकते हैं कि ढाई घंटे की फिल्म में संजय की पूरी स्टोरी नहीं दिखाई जा सकती थी पर फिल्म में काफी ऐसे कैरेक्टर्स और सिचुएशन है जो दिखाई भी गए पर फिर भी कुछ ऐसी जरूरी चीजें हैं जो ऑडियंस को नहीं दिखाई गयी तो इस पोस्ट में हम आपको संजू फिल्म से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताएंगे जो रियल थी लेकिन फिल्म का हिस्सा नहीं बनी।
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1- फिल्म में दिखाया गया है कि संजय की ड्रग एडिक्शन का पता नरगीश को बिल्कुल भी नहीं था पर सच्चाई यह थी कि संजू की फैमिली में नरगिस को ही सबसे पहले पता चला था कि संजू ड्रग्स लेते हैं उन्होंने यह बात सुनील को कभी नहीं पता लगने दी और वह बहुत कोशिश करती रही कि संजू की ड्रग्स की लत छुड़वा सके जैसे फिल्म में दिखाया गया है कि सुनील संजू को नरगिस की रिकॉर्डिंग सुनाते हैं उसी तरह नरगिस ने संजू के लिए भी एक रिकॉर्डिंग छोड़ी थी जिसमें उन्होंने संजू को रिक्वेस्ट की थी की उन्हें ड्रग्स छोड़ देनी चाहिए क्योंकि फ्यूचर में वह खुद उनकी मदद करने के लिए जिंदा नहीं रहेंगी।


sanju and nargish relation
2 - फिल्म में संजू की लाइफ का एक बहुत जरूरी पहलु नहीं दिखाया गया है वह है उनकी रिचा शर्मा के साथ शादी शायद यह चीज इसलिए नहीं दिखाई गई क्योंकि इससे संजू के कैरेक्टर पर एक नेगेटिव इंपेक्ट आता क्योंकि संजू ने रिचा को उस वक्त डाइवोर्स दिया था जब वो ब्रेन ट्यूमर जैसी बीमारी से जूझ रही थी. रिचा ने संजू के साथ सुलह करने की बहुत कोशिश की पर संजू रिचा के साथ नहीं रहना चाहते थे लेकिन एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में रिचा ने बताया था कि डाइवोर्स का कारण माधुरी दिक्षित है. उन दिनों संजय और माधुरी के अफेयर की बहुत खबरें आया करती थी और माना जाता है कि जब संजू 1993 में अरेस्ट हुए उसी दौरान माधुरी ने उनसे ब्रेकअप कर लिया।
sanju and richa sharma relation

3 - फिल्म में संजू की बहन प्रिया को कई सीन में दिखाया गया है पर कभी भी उन्हें कोई डायलॉग बोलते हुए नहीं देखा गया पर रियल लाइफ में प्रिया ही तो थी जो संजू को हमेशा सपोर्ट करती थी उनका रोल फिल्म में थोड़ा बहुत तो जरूर दिखाना चाहिए था क्योंकि प्रिया हर सिचुएशन में संजू के बहुत करीब थी जब संजू ने अपने आप को सरेंडर किया था तब भी प्रिया उनके साथ दिखी और दोनों उस मोमेंट पर इमोशनल हो गए अगर प्रिया को फिल्म में और दिखाया जाता तो फादर एंड सन रिलेशनशिप के साथ-साथ एक ब्रदर-सिस्टर रिलेशनशिप ऑडियंस को इमोशनली टच कर सकता था।

sanjay datt and his sister priya
4 - फिल्म में संजय कि अबू सलेम और कई अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों के साथ सीन दिखाए गए हैं पर संजू अंडरवर्ल्ड के कांटेक्ट में कैसे आए यह फिल्म में नहीं दिखाया गया. संजय की फिल्म यलगार की शूटिंग दुबई में हो रही थी तो उसी दौरान संजय दाऊद इब्राहिम से मिले और यहां से ही संजय का अंडरवर्ल्ड के साथ कलेक्शन बनना शुरू हुआ संजय ने दाऊद से मिलने की बात खुद अपने कोर्ट स्टेटमेंट में मानी थी और यह भी माना था कि दाऊद ने उन्हें मुंबई में अंडरवर्ल्ड से कनेक्ट करवाया था।


sanjay datt underworld seen in movie
5 - फिल्म में देखा गया की संजय अपनी पूरी कहानी अनुष्का शर्मा को बता रहे होते हैं जिन्होंने मूवी में एक बायोग्राफी का रोल निभाया है पर इस कैरेक्टर का संजू की रियल लाइफ से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि संजू के वकील सतीश इस कैरेक्टर से ज्यादा क्लोज थे. सतीश ही संजू के वकील थे जिन्होंने संजू का कोर्ट केस लड़ा और उन्हें टेररिज्म एक्ट से बरी करवाया अगर सतीश ना होते तो संजय लाइफ टाइम के लिए जेल भी जा सकते हैं तो अगर अनुष्का के कैरेक्टर् को एक वकील की तरह दिखाया जाता तो कम से कम उसे संजय की असल ज़िन्दगी से रिलेट किया जा सकता था। 
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