11 Jul 2016

पिता के साथ डिनर - Hindi Motivational Story

पिता के साथ डिनर - Hindi Motivational Story

एक लड़का अपने पिता को डिनर के लिए एक Restaurant में ले गया। उसके पिता बहुत ही बूढ़े थे और कमजोर हो चुके थे। जब वो खाना खा रहे थे तो खाना उनके कपड़ो में भी गिर रहा था। उनके पास बैठ कर डिनर कर रहे लोग उस बूढ़े पिता को घर्णा की दृष्टि से देख रहे थे लेकिन उस बूढ़े व्यक्ति का बेटा बिलकुल शांत था।



 जब उस बूढ़े व्यक्ति ने खाना खा लिया, उसका बेटा जो बिलकुल भी शर्मिंदा नहीं था उनके पास आया और उन्हें Washroom ले गया, कपड़ो में  लगे खाने को हटाया, दाग साफ़ किये, उनके बालों को कंघे से ठीक किया और उनका चशमा जो टेढ़ा लगा था उसे ठीक से लगाया। जब  वो दोनों Washroom से बाहर आये तो पुरे Restaurant में शांति थी और सब उन्हें ही देख रहे थे और सब यही सोच रहे थे की कैसे कोई ऐसे व्यक्ति को सार्वजानिक स्थान में सह सकता है। बेटे ने डिनर का पैसा चुकाया और अपने बूढ़े पिता को लेकर जाने लगा। 

लेकिन तभी एक बूढ़ा व्यक्ति जो उनके पास बैठा डिनर कर रहा था उस लड़के के पास आता है और उससे पूछता है "क्या तुम्हे नहीं लगता तुम यहाँ कुछ छोड़ के जा रहे हो?"

लड़का जवाब देता है "नहीं सर, मुझे तो नहीं लगता, क्या छूटा है मुझसे?"

तब वो बूढ़ा व्यक्ति कहता है "हाँ तुमने छोड़ा है एक शिक्षा (Lesson) सभी बेटों/पुत्रों के लिए और एक आशा सभी पिता के लिए"

Moral (शिक्षा) - 

जिन्होंने हमारी देखभाल की है उनकी देखभाल करने का सौभाग्य सभी को प्राप्त नहीं होता, हम सब जानते है कैसे हमारे माता-पिता ने हमारी हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखा है। अब आपकी बारी है, उन्हें प्यार करो, उनकी इज्जत करो और उनकी देखभाल करो। 



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4 comments:

  1. पिता को स‍मर्पित बहुत ही अच्‍छा प्रेरणादायी लेख प्रस्‍तुत किया है। आज के इस युग में युवा अपने बूढ़े माता पिता को लेकर झल्‍ला जाते हैं। आपके इस लेख में एक बेटा दूसरों के सामने किस तरह आदर्श प्रस्‍तुत कर रहा हैै। वह देखने और समझने लायक है।

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  2. धन्यवाद जमशेद जी आपके मुल्य्वान Comment के लिए

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  3. Bahut acchi kahani hai....man ko chu gayi....bahut accha laga story read karke....aajkal ke time me yeh ek bahut accha sandesh hai.....dhanyavad!

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    1. धन्यवाद अमूल शर्मा जी

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