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3 Jan 2016

Don't miss the opportunities in Life in hindi

कहा जाता है  सिकंदर की महान लाइब्रेरी में जब आग लग गयी तब केवल एक ही किताब बच पायी  जो कोई ख़ास किताब नही थी एक गरीब व्यक्ति ने उसे चाँद पैसे में खरीद लिया।
किताब कोई ख़ास तो नही थी पर किताब के भीतर उस आदमी को एक पर्ची मिली उस पर्ची पर पारस पत्थर का रहस्य लिखा हुआ था।
पर्ची में लिखा था पारस पत्थर वो पत्थर होता है जो साधारण धातुओ को सोने में बदल सकता है पर्ची के अनुसार वो पत्थर दिखने में साधारण पत्थर जैसा ही था जो समुन्द्र तट के सामने अन्य पत्थरों  के साथ पड़ा था लेकिन इस पत्थर की पहचान यह थी की यह पत्थर अन्य पत्थर की अपेक्षा गरम था। उस आदमी ने अपनी सारी वस्तुए बेच दी  और जरूरी सामान लेके उस पत्थर को ढूढ़ने निकल पड़ा। अब वो हर पत्थर को उठा कर देखने लगा की पत्थर ठंडा है या गरम और ठन्डे पत्थर को समुन्द्र में फेकने लगा ताकि कोई पत्थर पुनः न आ जाये। दिन हफ्तों में बदल गए और हफ्ते महीनो में।  वो पत्थर उठा-उठा कर समुन्द्र में फेकने लगा।  महीनो से चली आ रही इस प्रक्रिया में एक दिन,दिन के समय में  पत्थर उठाया वो गरम था,

लेकिन इससे पहले की वो इसे समझ पता रोज की आदत के अनुसार उसने उस पत्थर को भी समुन्द्र में फेक दिया और फिर उसे अहसास हुआ की उससे बहुत बड़ी गलती हो गयी है। उसमे रोज की आदत के अनुसार उस पत्थर को  समुन्द्र में फेक दिया जिसके लिए उसमे सब कुछ छोड़ दिया था। ऐसा ही कुछ हम अपने सामने मौजूद अवसर के साथ करते है। सामने खड़े अवसर को पहचानने में  एक पल की चूक ही उससे हमे बहुत दूर कर देती है।  

धन्यवाद !
अमित त्रिपाठी
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